कौशल विकास पर वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन
वह आज यहां वैश्विक कौशल विकास सम्मेलन का उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशालय एवं फिक्की ने संयुक्त रूप से इस सम्मेलन का आयोजन किया है।
मंत्री ने कहा कि रोजगार की संभावना वाले विभिन्न क्षेत्रों में मांग के हिसाब से अल्पावधि पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इस योजना के तहत पहले ही 450 मोड्यूलर इम्प्लाएबल स्किल्स पाठ्यक्रम कोर्सेज तैयार किए जा चुके हैं। सफल उम्मीदवारों के प्रशिक्षण का व्यय केन्द्र सरकार वहन करेगी तथा इससे देश में बढ़ रही कौशल आवश्यकता की पूर्ति होगी।
उन्होंने हाल ही में तैयार 'राष्ट्रीय कौशल विकास नीति' का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण, पहाड़ी, सीमावर्ती, दुर्गम, नक्सल प्रभावित तथा दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को कौशल विकास का अवसर मिलेगा। मंत्री कहा कि कौशल विकास में निजी क्षेत्रों के प्रयासों में सहयोग देने के लिए कम्पनी कानून के तहत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम गठित किया गया है।
इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार सचिव पी़ सी़ चतुर्वेदी ने कहा कि 2020 तक देश में 4 करोड़ 70 लाख ऐसे लोग होंगे जो रोजगार पाने की लाइन में होंगे, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों से लैस कौशल विकास से न केवल घरेलू आवश्यकता बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मांग भी पूरी होगी।
फिक्की के अध्यक्ष एच़पी़ सिघानिया ने कहा कि उद्योग जगत एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र की संस्थान के प्रबंधन तथा पाठ्यक्रम निर्धारण में हिस्सेदारी जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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