जहाज़ अपहरण: आठ पकड़े गए

रूसी अधिकारियों का कहना है कि रूसी मालवाहक जहाज़ आर्कटिक सी के अपचालन के सिलसिले में उन्होंने 8 संदिग्ध लोगों को पकड़ा है. आर्कटिक सी को फिनलैंड से अल्जीरिया जाते हुए तीन हफ्ते पहले ग़ायब हो गया था. इंग्लिश चैनल के पास से इस जहाज़ का आखिरी रेडियो संपर्क हुआ था, जिसके बाद उसकी कोई ख़बर नहीं मिली.
सोमवार को ये जहाज़ पश्चिम अफ्रीकी तट के पास से मिला और उस पर सवार चालक दल भी सही सलामत पाया गया, लेकिन इस जहाज़ के ग़ायब होने और मिल जाने के पीछे रहस्य क्या था ये गुत्थी अभी तक अनसुलझी है.
रुस के रक्षामंत्री एनातोली सेरद्युकोफ के मुताबिक 24 जुलाई को स्वीडन के समुद्री क्षेत्र में एक स्पीडबोट ने आर्कटिक सी से मदद की गुहार लगाई थी. इस स्पीड बोट पर 8 हथियारबंद लोग सवार थे, जिन्होंने आर्कटिक सी पर सवार होते ही चालक दल पर बंदूकें तान दी और जहाज़ के दिशानिर्देशक यंत्र को निष्क्रिय कर दिया.
रूस के रक्षामंत्रालय के मुताबिक़ जहाज़ फिर अफ्रीका की तरफ ले जाया गया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने मामले की व्यापक जांच शुरू कर दी है. रूस के अभियोक्ता पक्ष की जांच समिति के प्रवक्ता व्लादिमिर मर्किन ने इस मामले की जांच के बारे में कहा, "इस अपराध के लिए 20 साल तक की सज़ा हो सकती है.
जांचकर्ताओं का एक दल उस पनडुब्बी की तरफ रवाना हो गया है, जहां आर्कटिक सी के चालक दल औऱ अपचालनकर्ताओं को रखा गया है. मॉस्को में भी एक जांच दल अलग से नियुक्त कर दिया गया है." लेकिन इस पूरे प्रकरण में कुछ सवाल अभी अनुत्तरित रह गए हैं, वह ये हैं, कि क्या पकड़े गये 8 लोग वही हैं, जो 24 जुलाई को आर्कटिक सी पर सवार हुए थे, और अगर हां, तो आखिर वे चाहते क्या थे.
एक सवाल ये भी है कि मात्र 20 लाख डॉलर मूल्य का बांस लेकर जा रहा ये जहाज़ किस वजह से गायब किया गया और फिर तीन हफ्तों बाद सही सलामत चालक दल के साथ कैसे छोड़ दिया गया.


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