मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करे पाक : भारत (राउंडअप)
भारत की ओर से इस बात को भी रेखांकित किया गया कि आतंकी खतरों से संबंधित सबूत पहले ही साझा किए जा चुके हैं।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने भारत की विदेश नीति पर एक पुस्तक के विमोचन के लिए आयोजित एक समारोह के मौके पर कहा, "जब तक मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ प्रत्यक्ष और विश्वसनीय कार्रवाई नहीं की जाती, तब पाकिस्तान के साथ अर्थपूर्ण बातचीत शुरू कर पाना अति कठिन होगा।"
कृष्णा से जब भारत के खिलाफ पाकिस्तान स्थित आतंकियों की ओर से बनाई जा रही हमले की योजना के बारे में सोमवार को प्रधानमंत्री की ओर से की गई टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने अपनी स्थिति साफ कर दी है।"
कृष्णा ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे हैं कि मुंबई हमले में शामिल आतंकियों को सजा दी जाएगी।"
इसके पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस्लामाबाद में एक समारोह के दौरान संवाददाताओं से कहा था, "यदि भारत के प्रधानमंत्री ऐसी कोई बात कहते हैं तो उसे हम हल्के ढंग से नहीं ले सकते।"
उन्होंने कहा, "यदि भारत सरकार के पास ऐसी कोई सूचना है तो वह उससे पाकिस्तान सरकार को अवगत कराए, ताकि हम ऐसी घटना को रोक सकें।"
कुरैशी ने कहा, "हमने उन्हें यह संदेश भेज दिया है और देखते हैं उनका क्या जवाब आता है।"
उधर पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त शरत सब्बरवाल ने कहा कि भारत ने संभावित आतंकवादी हमलों की तैयारी से संबंधित साक्ष्य पाकिस्तान को पहले ही उपलब्ध करा दिए हैं।
सब्बरवाल ने कहा कि पाकिस्तान की धरती पर रहने वाले आतंकवादी भारत के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। यह पाकिस्तानी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इनका सफाया करे।
मनमोहन सिंह ने सोमवार को आंतरिक सुरक्षा के मसले पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि उनके पास इसकी पुख्ता जानकारी है कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुट भारत में नए हमले करने की फिराक में हैं। उन्होंने सीमा-पार घुसपैठ को प्रमुख खतरा करार दिया था।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के दक्षिण एशिया विभाग के महानिदेशक ने सोमवार को भारत के उप उच्चायुक्त मनप्रीत वोहरा को तलब कर कहा था, "आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए पाकिस्तान भारत सरकार को पूरा सहयोग प्रदान करेगी।"
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार उन्होंने वोहरा से कहा कि यह टिप्पणी गंभीर है और इस संबंध में तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।
पाकिस्तान के सूचना राज्य मंत्री सम्साम अली बुखारी ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "मैं समझता हूं कि ऐसे बयान की जरूरत नहीं थी। दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के बीच विशेषकर मनमोहन सिंह और आसिफ अली जरदारी तथा यूसुफ रजा गिलानी की मुलाकातों के बाद ऐसा बयान नहीं दिया जाना चाहिए था।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी किसी भी जगह समस्या नहीं चाहते क्योंकि पाकिस्तान स्वयं आतंकवाद से पीड़ित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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