विश्वस्तरीय पर्यटन अवसंरचना विकसित करें : सैलजा
नई दिल्ली में पर्यटन पर कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अवसंरचना के व्यापक विकास पर ध्यान देना चाहिए जिसमें सड़क, जल, स्वच्छता, सफाई, स्वच्छ वातावरण, उचित प्रकाश व्यवस्था, आसपास की भूस्थलकृतियां और पर्यटन गंतव्यों तथा विरासत स्थलों का अनुरक्षण शामिल है। मंत्री ने कहा कि पर्यटन और सुविधा क्षेत्र देश के जीडीपी में छह प्रतिशत का योगदान करता है। इसलिए अवसंरचनात्मक सुविधाओं को एक निश्चित दिशा देने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान देश में लगभग एक लाख यात्रियों के आने की उम्मीद है और इसने हमें पर्यटकों के लिए पर्यटन अवसंरचना की मौजूदा स्थिति पर एक नजर डालने का अवसर प्रदान किया है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि विश्वस्तरीय पर्यटन अवसंरचनात्मक सुविधाएं केवल दिल्ली जैसे शहरों तक ही सीमित न रह जाएं बल्कि यह देश के अन्य शहरों तक भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ग्रामीण पर्यटन के जरिए एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण कर रहा है जिसमें गांवों को देश के पर्यटन मानचित्र पर लाया जा सके।
इस कार्यशाला में राज्यों तथा संघ शासित क्षेत्रों की कार्यान्वयन एजेंसियों के इंजीनियरिंग विभागों के प्रमुख तथा कार्यान्वयन से संबंधित मुख्य वास्तुकार, पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी और इंटक, जेबीआईसी, सीपीडब्ल्यू, राइट्स, एनबीसीसी, हुडकों तथा आईटीडीसी के संसाधन विशेषज्ञों ने अवसंरचनात्मक संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। शहरी नागरिक सुविधाएं, विरासत निर्माण, जलवायु संवेदी वास्तु और शहरी स्थलाकृतियां जैसे विषय इस कार्यशाला के एजेंडे में शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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