किताब को लेकर पहले भी विवादों में रहे हैं जसवंत
जसवंत ने इससे पहले 'ए कॉल टू ऑनर : इन सर्विस ऑफ इमरजेंट इंडिया इन 2006' शीर्षक से किताब लिखी थी। इस किताब को लेकर भी काफी विवाद हुआ था।
इस किताब में जसवंत सिंह ने लिखा था कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पी. वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल के समय प्रधानमंत्री कार्यालय में एक भेदिया था जो अमेरिकी सूत्रों को जानकारी मुहैया कराता था।
जसवंत की इस किताब के विमोचन के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसका प्रतिकार करते हुए जसवंत सिंह से उस भेदिए का नाम उजागर करने को कहा था। इसके जवाब में जसवंत सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है लेकिन मनमोहन सिंह ने कहा कि उनके पत्र में न तो किसी का हस्ताक्षर है और न ही भेदिए का नाम है।
बहरहाल, जसवंत सिंह को लेकर ताजा विवाद उनकी किताब 'जिन्ना-इंडिया, पार्टिशन, इंडीपेंडेंस' के कारण उत्पन्न हुआ है, जिसमें उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की तारीफ की है और देश के विभाजन के लिए जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल को जिम्मेदार ठहराया है।
लोकसभा की वेबसाइट के मुताबिक जसवंत सिंह अब तक कुल 10 किताबें लिख चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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