खाद्यान्नों की कीमतों के विनियमन पर विचार कर रही सरकार : पवार
कृषि मंत्री शरद पवार ने राज्यों के खाद्य मंत्रियों के एक सम्मेलन में कहा कि चावल और गेहूं के उत्पादन में गिरावट की आशंका के मद्देनजर सरकार खुले बाजार में हस्तक्षेप करने से नहीं हिचकेगी और राज्य सरकारों को खुले बाजार में बिक्री योजना के तहत गेहूं और चावल जारी करेगी।
पवार के अनुसार धान की खेती के क्षेत्रफल में करीब 57 लाख हेक्टेयर की गिरावट आई है।
चीनी की आपूर्ति में कमी संबंधी बढ़ती चिंताओं के बारे में उन्होंने कहा, "सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चीनी की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए हम लेवी चीनी की प्रतिशतता बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं।"
पवार ने कहा कि सरकार मिलों द्वारा सरकार को नियंत्रित कीमतों पर बेची जाने वाली चीनी की मात्रा को बढ़ाने पर विचार कर रही है। वर्तमान समय में मिलों को अपने कुल उत्पादन का 10 प्रतिशत सरकार को बेचना आवश्यक है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 31 जुलाई तक चीनी का भंडार गिरकर 60 लाख टन रह गया है जो 30 जून के भंडार से 21 प्रतिशत कम है।
ब्राजील के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है और यहां चीनी उत्पादन में गिरावट आने संबंधी खबरों के बाद दुनिया में चीनी कीमतें 28 वर्ष के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गईं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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