'दिल्ली में 65 फीसदी सड़क हादसों की वजह नशे में धुत्त चालक'
गैर सरकारी संगठन 'कैंपेन अगेंस्ट ड्रंकेन ड्राइविंग' (सीएडीडी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में नशे की हालत में वाहन चलाने की वजह से होने वाले सड़क हादसों में हर साल 1,500 लोगों की जान जाती है।
सीएडीडी के संस्थापक प्रिंस सिंघल कहते हैं, "पिछले एक दशक में नशे में धुत होकर वाहन चलाने के बढ़ते चलन को लेकर किए गए अध्ययन के बाद आई इस रिपोर्ट में युवाओं में नशे की बढ़ती लत, व्यवसायिक चालकों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और पब संस्कृति के बारे में चौंकाने वाले आंकड़े हैं।"
रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह के हादसों में पांच वर्ष से कम उम्र और 21 से 34 वर्ष के बीच आयु वर्ग वाले लोग ज्यादा मौत का शिकार हुए हैं। विभिन्न अस्पतालों में 17 फीसदी बिस्तरों पर नशे की हालत में वाहन चालन से जुड़े हादसों में घायल हुए लोग होते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, "16 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 40 फीसदी लोग सड़क, कार, शराब की दुकानों के निकट, पेट्रोल पंप, पार्क और बाजारों में शराब पीते हैं।"
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 26 से 30 वर्ष की आयु वर्ग की महिलओं में शराब पीने की लत वर्ष 2001 में 24.2 फीसदी थी जो 2008 में बढ़कर 41 फीसदी हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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