इस्तीफा नहीं मांगा गया : सिब्ते रजी (लीड-2)
सरकारी सूत्रों का कहना है कि रजी पर इस्तीफा देने का जबरदस्त दबाव है। उनके ऊपर आरोप है कि जब वह झारखंड के राज्यपाल थे तो उनके सहयोगियों और कर्मचारियों ने स्थानांतरण और पदस्थापना के नाम पर पैसे बनाए।
अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रजी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे हैं। इनसे मेरा कुछ भी लेना देना नहीं है।"
उन्होंने कहा, "बतौर राज्यपाल मैं अपना कार्यकाल पूरा करूंगा। मुझे इस्तीफा देने को नहीं कहा गया है और न ही मैं इस्तीफा दूंगा। यह स्पष्ट है। सब साफ है।"
इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह खुद रजी से मुलाकात कर उन्हें इस्तीफा देने को कहा था। रजी फिलहाल दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले दिनों झारखंड में रजी के दो सहयोगियों के मकानों पर छापेमारी की थी। दोनों आय से अधिक संपत्ति के मामले में लंबे समय से सीबीआई के निशाने पर हैं।
असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने भी नई दिल्ली में कहा कि राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी से उन्हें न तो कोई शिकयत है और न ही उन्हें इस बात की कोई जानकारी है कि उन्हें इस्तीफा देने को कहा गया है।
गोगोई ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, "मैंने स्पष्ट कहा है कि मुझे राज्यपाल से कोई शिकायत नहीं है। उनके खिलाफ क्या आरोप हैं, इस बारे में मैं कुछ भी नहीं जानता। मैंने उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत नहीं की।"
यह पूछे जाने पर कि क्या आप रजी की कार्यप्रणाली से खुश हैं तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, "वह हमारे राज्यपाल हैं। मैं क्यों उनसे नाखुश रहूंगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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