काबुल पर रॉकेट हमला, चुनाव के दौरान नाटो अभियान नहीं (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार नाटो की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "चुनावों के दौरान सुरक्षा प्रबंध करने वाले अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों के समर्थन में सिर्फ वही अभियान चलाए जाएंगे जो उस दिन जनता की हिफाजत के लिए बेहद जरूरी होंगे।"
नाटो का यह बयान अफगान रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम वरदाक की ओर से किए गए इसी तरह के अनुरोध के बाद आया है। उन्होंने रविवार को कहा था अफगान सुरक्षा बल अपने सारे अभियान रोक देंगे। उन्होंने तालिबानियों से भी कहा था कि वे लोगों को वोट देने के लिए घरों से बाहर निकलने दें।
तालिबानी आतंकवादियों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर रखा है। उन्होंने लोगों से चुनाव भाग नहीं लेने या फिर मौत का सामना करने को तैयार रहने की चेतावनी दी है।
देश भर में 6500 से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए हैं। उनकी हिफाजत के लिए करीब 200,000 अफगान सुरक्षाकर्मी, 100,000 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय सैनिक सुरक्षा का बंदोबस्त देखेंगे। अफगान सुरक्षा अधिकारियों ने हालांकि कबूल किया है कि देश के आकार को देखते हुए सब जगह तैनाती मुश्किल होगी।
इस बीच एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी डीपीए को बताया कि काबुल में राष्ट्रपति आवास के समीप मंगलवार सुबह दो रॉकेट दागे गए। यह रॉकेट काबुल के दक्षिणी हिस्से बगरामी से दागे गए थे।
अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया, "दोनों रॉकेट राष्ट्रपति आवास के समीप आकर गिरे लेकिन खुशकिस्मती से कोई हताहत नहीं हुआ।"
राष्ट्रपति भवन के एक सूत्र ने बताया कि उनमें से एक रॉकेट परिसर के भीतर एक पेड़ से जा टकराया।
इसी महीने आतंकवादियों ने दो बार पहले भी यहां रॉकेट दागे थे लेकिन उनमें भी कोई हताहत नहीं हुआ था।
इससे पहले शनिवार को नाटो के नेतृत्व वाली अंतर्राष्ट्रीय सेना के मुख्यालय के समीप हुए आत्मघाती हमले में सात नागरिक मारे गए थे और 90 से ज्यादा घायल हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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