जंगली हाथियों के उपद्रव से निपटने के लिए मोबाइल फोन का वितरण
वन विभाग के मुख्य संरक्षक ए. के. सिंह ने आईएएनएस को बताया, "हर गांव में संयुक्त वन एवं ग्रामीण रक्षा समिति (जेएफवीडीसी) के एक सदस्य को मोबाइल फोन दिया जा रहा है। मोबाइल में वन विभाग के सभी प्रमुख नंबर हैं ताकि हाथियों के बारे में सूचना वन अधिकारियों को मिल सके।"
उन्होंने कहा, "हमने एक उड़ान दल का गठन भी किया है जो गांव में हाथियों के प्रवेश करने पर तत्काल पहुंचेगा। उड़ान दल हाथियों से ग्रामीणों को बचाने का काम करेगा।"
अब तक राज्य में 100 से अधिक मोबाइल फोनों का वितरण किया जा चुका है। वन विभाग ने हाथियों के खतरे को देखते हुए 600 गांवों की एक सूची बनाई है। मोबाइल फोनों का वितरण इन्हीं गावों में किया जा रहा है।
गौरतलब है कि नवंबर, 2000 में झारखंड के गठन के बाद से यहां जंगली हाथियों के कुचलने से 679 लोग मारे जा चुके हैं और 1,020 घायल हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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