सूखे की स्थिति पर चर्चा के लिए मंत्रियों की बैठक
दो घंटे तक चली इस बैठक में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, कृषि मंत्री शरद पवार, वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के अलावा कई अन्य लोग उपस्थित थे।
लेकिन मंत्रियों ने बैठक के निष्कर्षो के बारे में मीडिया के साथ चर्चा करने से इंकार कर दिया।
वित्त मंत्री के नेतृत्व वाले इस ईजीओएम का गठन पिछले सप्ताह किया गया था। कृषि मंत्री शरद पवार और गृह मंत्री पी.चिदंबरम इसके प्रमुख सदस्य हैं।
इस समूह में ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे, शहरी विकास मंत्री एस.जयपाल रेड्डी, ग्रामीण विकास मंत्री सी.पी.जोशी, रेल मंत्री ममता बनर्जी, पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया शामिल हैं।
सरकार ने अब तक देश के 626 जिलों में से 177 को सूखा ग्रस्त घोषित किया है।
सूत्रों के अनुसार सरकार सूखे और दालों व खाद्य तेल जैसी जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे दोहरे मुद्दे से निपटने हेतु कई सारे उपायों को अमल में लाने पर विचार कर रही है।
सोमवार को जिन उपायों पर चर्चा की गई, उनमें सरकारी एजेंसियों के जरिए भंडार से अनाजों की खुली बिक्री, खाद्य तेलों व अनाजों के आयात पर शुल्क में रियायत और सरकारी दुकानों से उनकी बिक्री के जरिए अतिरिक्त सब्सिडी देना शामिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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