जिन्ना पर अपनी पुस्तक के विमोचन अवसर पर चुप रहे जसवंत
जसवंत की इस पुस्तक का सोमवार को विमोचन हुआ। विमोचन अवसर पर सात वक्ताओं ने उनकी पुस्तक की तारीफ की लेकिन जसवंत सिंह ने सिर्फ इतना ही कहा, "लेखकों को बोलना नहीं चाहिए। वे पढ़ा करते हैं।"
उन्होंने कहा, "यह पुस्तक बाहर उपलब्ध है। कृपा कर इसे खरीदें और पढ़ें। शुभ रात्रि।"
इस कार्यक्रम में मौजूद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मौजूद सभी वक्ताओं की बातों को ध्यान से सुना लेकिन जसंवत की तरह उन्होंने भी कुछ भी कहने से बचना ही मुनासिब समझा।
जिन्ना की प्रशंसा करते हुए जसवंत सिंह ने अपनी पुस्तक 'जिन्ना-इंडिया, पार्टिशन, इंडीपेंडेंस' में लिखा है कि वह धर्मनिरपेक्ष थे और वह राजनीति में धर्म के खिलाफ थे। अपनी पुस्तक में जसवंत ने जिन्ना को हीरो के रूप में प्रस्तुत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications