बीडीआर विद्रोह पर राष्ट्रपति ने अदालत की राय मांगी
ढाका, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश के राष्ट्रपति जिल्लुर रहमान ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से राय मांगी कि फरवरी महीने में बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) के जवानों द्वारा किए गए विद्रोह की सुनवाई नागरिक संहिता के तहत कराई जाए या सैन्य कानून के तहत।
समाचार एजेंसी स्टार ऑनलाइन ने खबर दी है कि रहमान ने सर्वोच्च न्यायालय को सरकार की ओर से प्राप्त एक सलाह का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस मामले को सैन्य कानून, 1952 के दायरे में लाया जा सकता है या नहीं।
इस मामले की सुनवाई प्रक्रिया उस समय रोक दी गई थी, जब बांग्लादेश के मानवाधिकार संगठनों तथा एमनेस्टी इंटरनेशनल व ह्यूमन राईट्स वाच जैसे विदेशी मानवाधिकार संगठनों ने बीडीआर जवानों के विद्रोह के मामले को सैन्य कानून के तहत लाए जाने पर आपत्ति जताई।
ज्ञात हो कि इस वर्ष 25-26 फरवरी को हुए इस विद्रोह के दौरान कुल 73 लोग मारे गए थे। उसमें 57 सेना के अधिकारी थे, जो बीडीआर में प्रतिनियुक्त होकर आए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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