भारत के साथ समझौते का विरोध करेंगे माओवादी
नेपाल के 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में कई मंत्री, कई सचिव, उद्योग जगत के शीर्ष लोग और पत्रकार शामिल हैं। नेपाल यहां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य मंत्रियों तथा नेताओं से मिलेंगे।
वह राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे और नेपाली राष्ट्रपति रामबरन यादव की ओर से उन्हें नेपाल के दौरे पर आने का निमंत्रण देंगे।
पूर्व माओवादी मंत्री कृष्ण बहादुर महरा ने सोमवार को सरकार को चेतावनी दी कि यदि उसने उनकी मंजूरी के बिना भारत के साथ विवादास्पद समझौतों को आगे बढ़ाया तो वे उसका विरोध करेंगे।
भारत वर्ष 1996 में दोनों देशों के बीच हुए महाकाली समझौते के अनुसार बनी 6,000 मेगावाट की पंचेश्वर बहुउद्देशीय जल विद्युत परियोजना का विस्तार करना चाहता है।
माओवादी इस परियोजना की समीक्षा चाहते हैं। वे एक नवीनीकृत प्रत्यर्पण संधि, व्यापार संधि और नए सीमा समझौते का भी विरोध कर रहे हैं।
माओवादियों की चेतावनी के बाद नेपाली सरकार भारत के साथ किसी भी द्विपक्षीय मुद्दे पर गंभीर और निर्णायक चर्चा करने की स्थिति में नहीं दिखाई दे रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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