पर्यावरण अनुकूल कीटनाशक का काम करती हैं जड़ी-बूटियां
एक नए अध्ययन के अनुसार ये जड़ी-बूटियां अपेक्षाकृत एक नए वर्ग के प्राकृतिक कीटनाशकों को प्रस्तुत करती हैं। ये कीटनाशक कृत्रिम रासायनिक कीटनाशकों के एक पर्यावरण अनुकूल विकल्प की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हैं।
इस अध्ययन के प्रस्तुतकर्ता युनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया (यूबीसी) के मुरी आईजमैन ने कहा है, "हम वानस्पतिक सुगंधित तेलों पर आधारित प्राकृतिक कीटनाशकों के संभावित इस्तेमाल की तलाश में लगे हुए हैं। इन तेलों को आमतौर पर खाने-पीने की वस्तुओं में सुगंध के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है।"
ये नए कीटनाशक सामान्य तौर पर दो से चार विभिन्न जड़ी-बूटियों के मामूली मात्रा में पानी में घोले हुए मिश्रण हैं। इनमें से कुछ मिश्रण कीटों को पूरी तरह मार डालते हैं, जबकि अन्य मिश्रण कीटों को रोकते हैं।
पिछले दशक के दौरान आईजमैन और उनके सहयोगियों ने सुगंधित तेल वाले कई सारे पौधों का परीक्षण किया और पाया कि उनमें बड़े पैमाने पर कीटनाशक गुण उपलब्ध हैं।
जड़ी-बूटियों पर आधारित कुछ ऐसे कीटनाशकों को अब किसानों द्वारा इस्तेमाल में लाया जा रहा है। ये कीटनाशक जैविक स्ट्राबेरी, पालक और टमाटर की फसलों का कीटों से सफलतापूर्वक बचाव कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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