पाकिस्तान में प्रतिबंधित गुट के प्रमुख की हत्या (लीड-1)
इस्लामाबाद, 17 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन सिपाह-ए-सहाबा के प्रमुख और धार्मिक नेता शेर अली हैदरी और उसके सहयोगी की सोमवार तड़के गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद कराची समेत सिंध प्रांत के कई शहरों में हिंसा भड़क उठी।
जिले के पुलिस अधिकारी पीर मोहम्मद शाह के हवाले से समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने खबर दी है कि हैदरी पीर जो गोथ से सिंध सूबे में अपने गृह नगर खरपुर लौट रहा था तभी उस पर हमला हो गया।
शाह ने बताया कि हमलावरों ने हैदरी के वाहन पर गोलियां बरसाईं जिससे उसकी और उसके सहयोगी इम्तियाज फेल्फोटो की मौके पर मौत हो गई। हमले में छह अन्य व्यक्ति घायल हो गए।
हैदरी के साथियों ने भी जवाब में गोलियां चलाईं जिससे एक हमलावर मारा गया और दूसरा बचकर निकल भागने में कामयाब रहा।
शाह ने बताया कि हैदरी की हत्या की वजह निजी रंजिश हो सकती है। सिपाह-ए-सहाबा पर सरकार द्वारा प्रतिबंधित करने के बाद हैदरी ने मिल्लत-ए- इस्लामिया संगठन शुरू किया। उसे भी प्रतिबंधित कर दिया गया। उसके बाद उसने जमात अहल-ए सुनात का गठन किया।
हैदरी की हत्या के बाद क्रुद्ध प्रदर्शनकारियों ने एक बस सहित दो वाहन फूंक डाले, कराची के नगन चौरंगी क्षेत्र में रास्तों पर जाम लगाया, हवा में गोलियां चलाईं और पथराव किया। जमात अहल-ए सुनत के कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद और सुक्कुर शहरों में भी पथराव किया।
पाकिस्तान की उलेमा परिषद ने हैदरी की हत्या की निंदा करते हुए तीन दिन के शोक की घोषणा की। परिषद के सूचना सचिव ने इस घटना को देश में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश करार दिया।
मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के नेता अल्ताफ हुसैन ने लंदन से जारी बयान में इस घटना की निंदा करते हुए इसे सिंध में धार्मिक सदभाव में बाधा डालने का प्रयास करार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications