उत्तर भारत में खत्म हो रहा भूजल: नासा

इस अध्ययन में नासा ने सैटेलाइट के माध्यम से एकत्र किए गए डाटा का इस्तेमाल किया है। नासा ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले पांच से दस सालों में उत्तर भारत में पानी की भारी किल्लत होने वाली है। वो इसलिए क्योंकि पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान का भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है।
खेती पर मंडराएगा संकट
नासा के मुताबिक भारत के इन राज्यों के भू-जल स्तर में पिछले सात साल में एक फुट प्रतिवर्ष की गिरावट दर्ज हुई है। इसका मुख्य कारण सिंचाई में भूमिगत जल का इस्तेमाल करना है। इन राज्यों में 26 घन मी भू-जल खत्म हो चुका है।
विज्ञान पत्रिका 'नेचर' में छपे आलेख में इस अध्ययन का जिक्र किया गया है। अध्ययन में कहा गया है कि भारत की सबसे बड़ी झील वानगंगा की क्षमता से दोगुना भूमिगत पानी सूख चुका है। वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि उत्तर भारत में जेट पंप, आदि के माध्यम से भू-जल का दोहन तेजी से किया जा रहा है, जोकि प्राकृतिक दोहन से कहीं तेज है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक इन क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा खेती के लिए सिंचाई की जरूरत है, जोकि भू-जल पर ही निर्भर है। जिस दर से दोहन हो रहा है, उससे साफ है कि आने वाले समय में यहां पानी का भीषण संकट उत्पन्न होने वाला है। खास बात यह है कि इन राज्यों की मिट्टी में नमी खत्म होती जा रही है, जो खेती पर संकट के संकेत दे रहा है। इसके अलावा बारिश भी समय से नहीं होना एक बड़ी चिंता का विषय है।


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