हिमाचल प्रदेश की अदालतों में वीडियो कांफ्रेंस सुविधा होगी : नड्डा
कानून मंत्री ज़ेपी़ नड्डा ने आज नई दिल्ली में राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य न्यायधीशों की बैठक में कहा कि प्रारम्भिक तौर पर जिला न्यायालय कुल्लू, धर्मशाला, शिमला एवं मण्डी को वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि सेन्ट्रल जेल शिमला तथा मार्डन सेन्ट्रल जेल नाहन तथा जिला जेल धर्मशाला एवं बिलासपुर को भी शीघ्र ही वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि अधीनस्थ अदालतों में ढांचागत विकास के लिए राज्य में चालू वित्त वर्ष के दौरान 20 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है जिसके अन्तर्गत नए अदालती परिसरों तथा न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासों की संरचना की जाएगी।
ज़ेपी़ नड्डा ने बताया कि अदालतों में लम्बित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए उच्च न्यायालय में न्यायधीशों के दो नए पद सृजित किए गए हैं जिससे उच्च न्यायालय में न्यायधीशों की संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मुकदमों के तत्काल निपटारे के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायधीशों की अध्यक्षता में फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की गई है तथा जूनियर डिविजन स्तर के 13 नए सिविल जज कोर्ट स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुकदमों के समयबद्घ निपटारे के लिए उच्च न्यायालय मासिक, त्रैमासिक एवं वार्षिक आधार पर प्रगति का आंकलन कर रहा है। लम्बित मुकदमों के निपटारे के लिए पिछले तीन सालों के दौरान 6 नए सिविल जज (जूनियर डिविजन) के पदों का सृजन किया गया है जिससे राज्य में अधीनस्थ अदालतों में न्यायधीशों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है।
उन्होंने बताया कि न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए राज्य में न्यायिक अकादमी की स्थापना की गई है तथा राज्य के न्यायिक अधिकारियों को गहन एवं अग्रिम प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी भोपाल भी भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 3 स्थायी लोक अदालतों का गठन किया गया है, जिन्होंने अब तक 108 मामलों का प्रभावी निपटारा किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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