'महात्मा गांधी का घर खरीदने के लिए पैसा कोई अर्थ नहीं रखता'
मुरली कृष्णन
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने रविवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी का घर खरीदने के लिए पैसा कोई अर्थ नहीं रखता। उन्होंने कहा कि उस घर को बाद में एक स्मारक के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा।
दक्षिण अफ्रीका प्रस्थान करने की पूर्व संध्या पर जायसवाल ने आईएएनएस को बताया, "कोयला मंत्रालय महात्मा गांधी के घर को खरीदेगा और उस पर एक स्मारक का निर्माण कराएगा। इस रास्ते में फिलहाल मुझे कोई बाधा नहीं दिखाई देती और इसके लिए पैसे की कोई चिंता नहीं है।"
ज्ञात हो कि कोयला मंत्रालय की ओर से घोषणा की गई है कि वह उस घर को खरीदना चाहता है।
जायसवाल सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के साथ इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को दक्षिण अफ्रीका के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।
जोहांसबर्ग के आर्कर्ड्स उपनगर में पाइन रोड संख्या 15 पर स्थित अंडे के आकार वाले 'द कराल' नामक इस घर को गांधीजी के विश्वासपात्र और वास्तुकार हरमन कैलेनबैक ने डिजाइन किया था।
महात्मा गांधी इस घर में वर्ष 1908-09 के बीच यानी दो वर्षो तक उस दौरान रहे थे, जब वह दक्षिण अफ्रीका में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रहे थे और नस्लभेद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे।
मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि इस घर की मालकिन नैन्सी बाल, जो इस घर में पिछले 20 वर्षो से रह रही हैं, अब केप टाउन स्थानांतरित होना चाहती हैं।
जायसवाल ने कहा, "मैं मकान मालकिन से मुलाकात करूंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि क्या वह उस मकान को बेच रही हैं। यदि उन्हें और दक्षिण अफ्रीका सरकार को कोई आपत्ति नहीं होगी तो समझिए यह सौदा तय है।"
ऐसा माना जा रहा है कि घर की कीमत 350,000 डॉलर अदा करनी पड़ सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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