गोर्शकोव की मरम्मत के लिए भारत ने 12.2 करोड़ डॉलर जारी किए
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने रूसी विमानवाहक पोत गोर्शकोव की अंतिम कीमत तय होने तक उसकी मरम्मत जारी रखने के लिए रूस को 12.2 करोड़ डॉलर की अगली किस्त जारी की है।
भारत की स्ट्रेटेजिक डिफेंस मैगजीन के अनुसार रक्षा उपकरणों के आयात और निर्यात के लिए अधिकृत एकमात्र रूसी एजेंसी रोसोबोरोनेक्सपोर्ट की मांग पर सरकार ने इस महीने के आरंभ में इस किस्त को जारी किया है।
दोनों देशों के बीच वर्ष 2004 में हुए समझौते के अनुसार भारत अब तक 60 करोड़ डॉलर की रकम रूस को दे चुका है। इस विमानवाहक पोत को रूस भारत को मुफ्त दे रहा है लेकिन उसकी मरम्मत और उन्नतिकरण के लिए भारत को 97.4 करोड़ डॉलर की रकम चुकानी थी।
वर्ष 2007 में रूस ने कहा कि उसने गोर्शकोव की मरम्मत और उन्नतिकरण की लागत का आकलन करने में भूल की है और अतिरिक्त 1.2 अरब डॉलर की मांग की। हाल ही में रूस ने और 70 करोड़ डॉलर की मांग की है। इस बार कहा गया कि समुद्री परीक्षण के अधिक महंगे होने के कारण यह राशि बढ़ी है।
रूस की मांग के अनुसार गोशकोर्व की कीमत अब 2.9 अरब डॉलर हो गई है, जबकि वास्तविक सौदे के समय इस विमानवाहक पोत की मरम्मत का खर्च केवल 97.4 करोड़ डॉलर तय किया गया था।
कीमत पर विवाद के बावजूद भारतीय नौसेना के अधिकारी रूस के उत्तरी आर्कटिक सागर तट पर स्थित सेवमाश शिपयार्ड पर जहाज मरम्मत के काम की दिन प्रतिदिन की गतिविधियों की समीक्षा और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए तैनात हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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