मुख्यमंत्रियों की बैठक में नक्सली हिंसा व तटीय सुरक्षा पर होगी चर्चा
यह बैठक जनवरी में हुई बैठक की अगली कड़ी होगी। उम्मीद है कि इस बैठक में तकनीकी और मानव खुफिया के विकास, हथियारों व गोलाबारूद की खरीदी और सुरक्षा बलों की रिक्तियां भरने की दिशा में राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी।
गृह मंत्रालय ने मध्य भारत के नक्सल प्रभावित इलाकों में आतंकियों को कुचलने के लिए पहले से ही एक अभियान की रूपरेखा तैयार कर रखा है। इस अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस से लिए गए 26,000 जवानों को शामिल किया जाएगा।
नक्सलवाद प्रभावित सात राज्यों में नक्सलियों के खिलाफ अक्टूबर में कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई का मकसद नक्सल प्रभावित इलाकों को सुरक्षित बनाना और वहां कानून का शासन लागू करना है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वामपंथी चरमवाद (नक्सलवाद) को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इस बात को शामिल किया था कि सरकार विद्रोहियों को कुचलने के लिए दोगुना प्रयास करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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