62 वर्ष हो सकती है रिटायरमेंट की उम्र

इसके लिए एक मजबूत तर्क यह दिया जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु दो वर्ष बढ़ाने पर सरकार ग्रेच्युटी और पेंशन के भुगतान को अगले दो वर्ष के लिए टाल सकती है। इस अवधि में 1.5 लाख कर्मचारी सेवानिवृत्त होने हैं। इस लिहाज से इस मद में सरकार को 15 से 20 हजार करोड़ रुपए की बचत हो सकती है। हालांकि इस कवायद ने अभी औपचारिक प्रस्ताव का रूप अख्तियार नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि वित्त मंत्रालय ने इस मामले में एक विस्तृत नोट तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा है।
सरकार ने इसी तरह की कवायद पिछले साल भी की थी। लेकिन नई रोजगार संभावनाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ने और नौकरशाही में पदोन्नति के मौके रुकने की संभावनाओं को देखते हुए इस विचार को त्याग दिया गया था। तब प्रधानमंत्री कार्यालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को इस मामले में अध्ययन कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से सरकार का वेतन बिल पहले ही बढ़ चुका है। इसमें पेंशन पर होने वाले व्यय की राशि भी शामिल है। वित्त वर्ष 2009-10 के केंद्रीय बजट में पेंशन के लिए 34,980.35 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो बीते वर्ष की तुलना में 40 फीसदी अधिक है।
वित्त मंत्रालय ने सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के मामले में भेजे गए विस्तृत नोट में इससे होने वाले नुकसान पर भी रोशनी डाली है। मंत्रालय ने कहा है कि इससे जहां बेरोजगारी में इजाफा होगा वहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर थम जाएंगे।


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