प्रधानमंत्री ने जमाखोरों और कालाबाजारियों को आगाह किया
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय जीवन में सहयोग और सामंजस्य के नये युग का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जनता ने पिछले चुनाव में साम्प्रदायिक राजनीति को अस्वीकार करते हुए ऐसी राजनीति को चुना है जो धर्मनिरपेक्ष है। प्रधानमंत्री ने हर एक को साथ लेकर चलने और देश में सामंजस्य और सहयोग का वातावरण बनाने का वचन दिया।
-प्रधानमंत्री ने जमाखोरों और कालाबाजारियों को आग्रह किया।
-कोई भी भूखा नहीं रहेगा।
-एच1एन1 फ्लू से भयभीत होने की जरूरत नहीं। दैनिक कामकाज बाधित नहीं होना चाहिए।
-देश के हर नागरिक को समृद्ध और सुरक्षित बनाना होना और उन्हें एक सम्मानित जिंदगी देनी होगी।
-नौ फीसदी की विकास दर हासिल करना सबसे बड़ी चुनौती है। हम आशा करते हैं कि इस साल के अंत तक स्थिति में सुधार होगी।
-कठिन स्थिति से सामना और सामाजिक दायित्व के निर्वाह के लिए व्यापारियों और उद्योगपतियों से सहयोग की अपील।
- इस साल मानसून में कमी दर्ज की गई है। सूखे से निपटने के लिए हम अपने किसानों को हर संभव सहयोग मुहैया करवाएंगे।
-किसानों की ऋण अदायगी की तारीख बढ़ा दी गई है। इसके अलावा किसानों को लघु काल के ऋणों पर ब्याज की अदायगी में अतिरिक्त सहयोग दिया जाएगा।
- हमारे पास अनाज का पर्याप्त भंडार है। अनाजों, दालों और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
-देश को एक और हरित क्रांति की जरूरत। कृषि चार फीसदी के विकास का लक्ष्य पांच वर्षो में हासिल कर लिया जाएगा।
-खाद्य सुरक्षा कानून बनाया जाएगा जिसके तहत गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले प्रत्येक परिवार को निम्न दर पर एक निश्चित मात्रा में आनाज मिलेगा।
-महिलाओं व बच्चों की जरूरतों के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। मार्च 2012 तक आईसीडीएस के तहत छह साल के तक के सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा।
-नरेगा योजना में और सुधार किया जाएगा और इसे ज्यादा पारदर्शी व जिम्मेदार बनाया जाएगा।
-शिक्षा का अधिकार कानून बन गया है, धन की कोई कमी नहीं होगी।
-विकलांग बच्चों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
-माध्यमिक शिक्षा को बढ़कर यह सुनिश्चित किया जाएगा देश के हर बच्चे को इससे लाभ मिले।
- बैंक ऋण और छात्रवृत्ति अधिक से अधिक छात्रों को मुहैया करवाई जाएगी।
-आर्थिक रूप से पिछले छात्रों को नई योजना के तहत कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण मिलेगा। इससे लिए करीब पाच लाख छात्रों को लाभ मिलेगा।
-राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को शामिल किया जाएगा।
-भारत निर्माण के लिए अतिरिक्त कोष आवंटित किया जाएगा।
- भौतिक आधारभूत सुविधाओं के विकास में तेजी लाई जाएगी और प्रति दिन 20 किलो मीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण होगा।
- रेलवे ने फ्रेट कॉरीडोर पर काम शुरू कर दिया है।
-जम्मू एवं कश्मीर और पूर्वोतर राज्यों में सड़क, रेल और विमान परियोजनाओं का विस्तार होगा।
-देश को झुग्गी-झोपड़ी मुक्त बनाने के लिए राजीव आवास योजना की शुरुआत।
-भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटेगा।
- जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय सौर्य ऊर्जा मिशन की शुरुआत 14 नवंबर को होगी।
-ऊर्जा संरक्षण की एक नई संस्कृति की जरूरत।
- पानी की बचत और संग्रह की योजनाओं पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत। 'पानी बचाओं' हमारे चार राष्ट्रीय नारों में से एक होना चाहिए।
- सरकार को लोगों की शिकायतों और नाराजगी के प्रति संवेदनशील होना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा में शामिल होने से कुछ हासिल नहीं होगा।
-आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
-आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए प्रयासों को तेज किया गया। पुलिस बल को प्रभावी बनाने के लिए राज्यों को हर संभव सहयोग करेगा केंद्र।
- जो यह समझते हैं कि बंदूक के बल पर वह सत्ता हासिल कर लेंगे वह सही मायने में भारतीय लोकतंत्र की ताकत को नहीं जानते।
-नक्सलवाद जैसी समस्याओं के पैदा होने के सामाजिक व आर्थिक कारणों को हम बदलेंगे।
- विकास में अनुसूचित जाति व जनजाति की भागीदारी हो।
-अल्पसंख्यकों के कल्याण की योजनाओं को बढ़ाया जाएगा।
- अल्पसंख्यक बहुल जिलों के विकास के लिए कोष उपलब्ध करवाए जाएंगे।
-सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए विधेयक को संसद में पेश किया जा चुका है और इसे शीघ्र ही कानून बनाने की कोशिश की जा रही है।
- कन्या भ्रूण हत्या हम सभी के लिए शर्म है। हमें इसे जल्द से जल्द खत्म करना होगा।
-सरकार महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।
-ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण के लिए एक कानून पर कार्य चल रहा है।
-तीन वर्षो में महिला निरक्षरों की संख्या आधी करने के लिए राष्ट्रीय महिला साक्षरता मिशन शुरू किया जाएगा।
-पूर्व सैनिकों के पेंशन के मुद्दे पर समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है। इससे 12 लाख सेवानिवृत्त जवान और जूनियर कमीशन्ड आफिसर लाभांवित होंगे।
-पिछड़े क्षेत्रों की विशेष जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा और क्षेत्रीय असमानता दूर करने के लिए दुगुने प्रयास किए जाएंगे।
-देश की प्रगति में पूर्वोत्तर राज्यों को समान भागीदार बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उनकी भलाई के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता।
-पिछड़े वर्ग जम्मू एवं कश्मीर में लोगों को भरपूर भागीदारिता के साथ दो निर्वाचन हुए हैं। राज्य में अलगाववाद के लिए कोई स्थान नहीं है, यह उसका स्पष्ट प्रमाण है।
-जम्मू एवं कश्मीर में मानव अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और राज्य के सभी नागरिक संरक्षा और सुरक्षा के वातावरण में शांति और सम्मान के साथ जीने में समर्थ है।
-जहां तक हमारे पड़ोसियों की बात है, हम उनके साथ शांति और सद्भाव के साथ रहना चाहते हैं। सम्पूर्ण दक्षिण एशिया के सामाजिक और आर्थिक विकास के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे।
-अच्छे कार्यक्रमों के लाभ तब तक जनता को नहीं मिलेंगे जब तक सरकारी तंत्र भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं होगा। लोक प्रशासन को ओर दक्ष बनाया जाएगा।
-मूलभूज सेवाओं को नागरिकों को उपलब्ध कराने के तंत्र को बेहतर करने की जरूरत है।
-जनता की अधिक भागीदारिता सुनिश्चित करने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं के माध्यम से लोक प्रशासन के विकेन्द्रीकरण के लिए नए प्रयास किए जाएंगे।
-नागरिक समाज और सरकार के बीच नई भागीदारिता के लिए पहल की जाएगी ताकि करदाता के पैसे का बेहतर उपयोग किया जा सके।
-सूचना का अधिकार अधिनियम को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा और उसकी जवाबदेहिता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सुधार किया जाएगा।
-ग्रामीण कार्यक्रमों के लिए प्रशासकीय तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
-भारत का अनन्य पहचान प्राधिकरण स्थापित किया गया है। अगले एक से डेढ़ वर्ष के भीतर पहली पहचान संख्याएं उपलब्ध हो जाएंगी।
-राष्ट्र निर्माण हमारा सर्वोच्च कत्र्तव्य है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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