काबुल आत्मघाती हमले में 7 की मौत, 91 घायल (लीड-3)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार जिस इलाके में विस्फोट हुआ, उसे देश का सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। यहीं राष्ट्रपति भवन और अमेरिकी दूतावास है।
आत्मघाती हमलावर ने गठबंधन सेना के मुख्यालय इंटरनेशनल सेक्यूरिटी असिस्टेंस फोर्स (आईएसएएफ) के गेट के सामने विस्फोटकों से लदे वाहन को उड़ा दिया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जनरल जहीर आजमी ने कहा, "हमले में सात नागरिक मारे गए और 91 घायल हो गए। हमले में चार अफगान सैनिक और संसद सदस्य अवा आलम नूरिस्तानी भी घायल हो गए।"
हमले में कई आईएसएएफ कर्मी घायल हुए हैं। हालांकि हमले में किसी आईएसएएफ कर्मी की मौत नहीं हुई है।
विस्फोट से आठ वाहन नष्ट हो गए और घटनास्थल से आधे किलोमीटर की दूरी तक की इमारतों की खिड़कियां टूटकर बिखर गईं।
तालिबान के एक प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने कहा कि उनके निशाने पर नाटो मुख्यालय और अमेरिकी दूतावास था। मुजाहिद ने दावा किया कि हमले में नाटो सैनिकों और अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों सहित 25 विदेशियों की मौत हुई है।
कोई भारतीय हताहत नहीं :
इस बीच नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को हुए आत्मघाती हमले में कोई भारतीय हताहत नहीं हुआ।
अधिकारी ने कहा, "हम काबुल में भारतीय मिशन से संपर्क में हैं। सौभाग्य से इस हमले में कोई भी भारतीय हताहत नहीं हुआ।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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