उमर अब्दुल्ला का मानव अधिकारों का उल्लंघन सहन नहीं करने का वादा
अब्दुल्ला ने कहा कि वह इस त्रासद घटना की अनदेखी नहीं कर सकते और स्वीकार करते हैं कि इस घटना के संबंध में आरंभ में स्थानीय प्रशासन और सरकार से भूलें हुईं।
कड़ी सुरक्षा के बीच बक्शी स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह में अब्दुल्ला ने कहा, "इसके लिए वह खेद जताते हैं और माफी मांगते हैं। परंतु मेरी सरकार इस घटना के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।"
उल्लेखनीय है कि आशिया जान (17 वर्ष) और नीलोफर (22 वर्ष) 30 मई को शोपियां जिले में मृत पाई गईं थीं। शव परीक्षण से उनके साथ बलात्कार और हत्या की पुष्टि हुई थी। इसके विरोध में घाटी में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। सरकार ने उच्च न्यायालय के एक अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में मामले की जांच के लिए एक आयोग गठित किया।
आयोग की सिफारिश पर साक्ष्यों को नष्ट करने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया।
अब्दुल्ला ने कहा कि जहां भी मानव अधिकारों का उल्लंघन होगा, वह तत्काल कार्रवाई करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलगाववादियों को सरकार के साथ वार्ता में शामिल होना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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