श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी (राउंडअप)
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। देश भर में कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार को श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाई गई। प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट की गई और मनमोहक झाकियां लगाई गईं। मंदिरों में सुबह से ही पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
कई शहरों में स्थित मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा गुरुवार मध्यरात्रि से ही शुरू हो गई थी। मान्यता है कि कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था।
जन्माष्टमी के अवसर पर जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भगवान कृष्ण की वेश-भूषा में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया।
मुंबई में स्वाइन फ्लू के खौफ से बेखौफ नागरिकों ने 'गोविंदा आला रे.' के उद्घोष के साथ जन्माष्टमी का आनंद उठाया। विभिन्न इलाकों में 'दही-हांडी' का उत्सव मनाया गया।
दादर में 'दही-हांडी' उत्सव देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। स्थानीय 'ओम साईं मंडल' के युवाओं ने 'गोविंदा आला रे.' गीत के साथ उत्सव की शुरुआत की। यहां दही-हांडी आरती सावंत ने फोड़ा।
'दही-हांडी' उत्सव में शामिल लोगों के चेहरे पर स्वाइन फ्लू का भय नहीं था।
स्वाइन फ्लू के संक्रमण के मद्देनजर मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने नामचीन हस्तियों से इन उत्सवों से दूर रहने की अपील की थी, ताकि सार्वजनिक स्थलों पर कम लोग इकट्ठा हों।
राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी शिव सेना ने कहा था कि वह इस बार बिना दही-हांडी के जन्माष्टमी का उत्सव मनाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य में एच1एन1 से 16 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वाइन फ्लू का संक्रमण रोकने के लिए मुंबई में 13 अगस्त से स्कूल-कॉलेज और सिनेमाघर क्रमश: सात और चार दिनों के लिए बंद हैं।
कैरिबियाई देश, त्रिनिदाद एवं टोबेगो के 200 से अधिक मंदिरों में गुरुवार को कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में जन्माष्टमी की धूम गुरुवार शाम से ही शुरू हो गई थी जो शुक्रवार सुबह तक जारी रही।
त्रिनिदाद एवं टोबेगो में बहुत बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इनकी संख्या यहां की कुल आबादी का 40 प्रतिशत है। दो द्वीपों पर फैले इस देश में लगभग तीन लाख हिंदू रहते हैं।
इस छोटे से देश में जन्माष्टमी की तैयारियां कई दिनों पहले ही शुरू हो गई थीं। जन्माष्टमी के दिन लोगों ने फूल-माला, मिठाइयां और खीरे का भोग लगाकर भगवान कृष्ण की अराधना की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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