नहीं दिया आडवाणी को उत्तराधिकारी चुनने का निर्देश : मोहन भागवत
मीडिया में दोनों नेताओं के इस मुलाकात के बाद आई खबरों का खंडन करते हुए एक निजी समाचार चैनल से खास बातचीत में भागवत ने कहा, "अगर आडवाणीजी मुझ्झसे मिलते हैं तो कुछ खास चर्चा जरूर होगी लेकिन मैंने उन्हें कोई निर्देश वगैरह नहीं दिए। मुझे एक चीज से आश्चर्य होता है कि हमारे बीच जो बातचीत हुई वह न तो मैंने मीडिया से चर्चा की और न ही आडवाणीजी ने। लेकिन मीडिया में इसकी काफी चर्चा हो रही है। यह चर्चा कैसे होती है, मीडिया के लोगों को ही पता होगा।"
संघ प्रमुख ने कहा कि राम जन्मभूमि की लड़ाई भव्य मंदिर के निर्माण के बाद ही खत्म होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर बनाने के तीन रास्ते हैं। एक तो संसद में कानून बने, दूसरा अदालत का फैसला आए और तीसरा ये कि दोनों पक्ष अदालत के बाहर समझझौता करें। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की लड़ाई लंबी लड़ाई है और कुछ और वर्षो तक जारी रहेगी।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के बारे में जब उनकी राय पूछी गई तो भागवत ने कहा कि राहुल राजनीति में नए हैं। युवा हैं। इसलिए उनके नाम की चर्चा स्वभाविक है। राहुल के बारे में राय बनाने या उसे रखने में थोड़ा और समय लगेगा।
कूटनीति के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार अच्छी है या पहले की अपेक्षा सुधार हुआ, ऐसा नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि कूटनीति के मामले में वाजपेयी सरकार की नीतियां मनमोहन सरकार से बेहतर थीं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की मनमोहन सरकार इस मोर्चे पर सुधार करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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