स्वाइन फ्लू से 23 मरे, 107 नए मामले (लीड-1)
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान में कहा गया कि अब तक 6897 लोगों की जांच की गई जिसमें 1390 लोगों में फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई। इनमें से 648 को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है जबकि 742 का विभिन्न अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है।
फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित पुणें में शुक्रवार को चार मामले सामने आए हैं जबकि मुंबई में 29 नए मामलों की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा नांदेड़ (2), नागपुर (2), उस्मानाबाद (4), धुले (1), नासिक (1), लातुर (1), दिल्ली (13), बेंगलुरू (9), मंगलौर (2), हैदराबाद (13), कोलकाता (6), अहमदाबाद (5), सूरत (5), गुड़गांव (5), गोवा (2), श्रीनगर (2), पंचकूला (1) मामले सामने आए हैं।
शुक्रवार को पुष्ट ज्यादातर मामले देश में ही संक्रमण के हैं। इनमें से कुछ ही लोग विदेश यात्रा से लौटे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार 6 अगस्त तक स्वाइन फ्लू के 177,457 मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें से 1462 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर मेक्सिको और अमेरिका के लोग शामिल हैं।
जांच से ज्यादा जरूरी उपचार :
सरकार ने कहा कि स्वाइन फ्लू वायरस एच1एन1 की जांच से ज्यादा जरूरी है फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर इसका समय पर उपचार करना।
पुणे दौरे पर आए संयुक्त सचिव (स्वास्थ्य) विनीत चौधरी ने कहा, "हमने देखा है कि उपचार से पहले जांच अनिवार्य नहीं है। अब हमारा लक्ष्य है कि लोगों को तुरंत उपचार मिले जिससे वह जल्द स्वस्थ हो जाएं। पुणे में फिलहाल 34 लोगों का उपचार किया जा रहा है।"
चौधरी ने यहां कहा कि यहां का प्रशासन बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुणे में और स्क्रीनिंग केंद्र खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ रही है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि फ्लू वायरस से बड़े पैमाने पर लोगों की मौत हुई।
चिकित्सकीय निगरानी और सलाह के बिना टेमीफ्लू लेने के मसले पर उन्होंने कहा कि फ्लू के लक्षण वाले लोग दो दिन के लिए टेमीफ्लू ले सकते हैं। अगर वह अच्छा महसूस करते हैं तो दवा बंद कर दें। लेकिन दवा का पूरा कोर्स लिया जाना जरूरी है यही वजह है कि हम चिकित्सकीय निगरानी के बिना दवा लेने से मना करते हैं।
उन्होंने कहा कि एन95 मास्क आम लोगों के लिए नहीं है। यह सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए जिनका उपचार चल रहा है।
महाराष्ट्र के पुणे में गुरुवार देर रात स्वाइन फ्लू से एक 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत के साथ ही देश में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई। अकेले पुणे में इस बीमारी से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
महाराष्ट्र स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष के अधिकारी ने बताया कि पुणे के निवासी प्रभाकर बेरगर ने सासून अस्पताल में गुरुवार रात लगभग 11 बजे दम तोड़ दिया। उन्हें दो दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती करा गया था। इस शहर में सबसे पहले तीन अगस्त को रिदा शेख नाम की एक बच्ची की मौत हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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