राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संदेश के मुख्य बिंदु
* लोकतंत्र, समावेशी आर्थिक विकास, समाजिक सशक्तिकरण और हमारी सभ्यतागत धरोहर पर आधारित मूल्य हमारे राष्ट्र के मुख्य निर्माण स्तम्भ हैं।
* प्रत्येक नागरिक के मत का महत्व है और सब को साथ लेकर चलना लोकतंत्र का एक अहम हिस्सा है।
* चुने गए प्रत्येक संसद सदस्य का यह परम कर्तव्य है कि वो लोगों के कल्याण और राष्ट्र की प्रगति के लिए कार्य करे।
* एक प्रभावी प्रशासन प्रणाली की आवश्यकता है जो पारदर्शी और जबावदेह हो।
* लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव के लिए सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों का कार्यान्वयन करना होगा।
* प्रशासको को लोगों की आवश्यकताओं के प्रति सचेत होना चाहिए ।
* इस वर्ष सामान्य से कम मानसून से निबटने के लिए सरकार सभी संभव कदम उठा रही है।
* सरकार एच1 एन1 इन्फ्लूएन्जा को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक प्रयास कर रही है।
* राष्ट्र निर्माण और विकास पहलों में नागरिकों को सरकार का साथ देना चाहिए ।
* आार्थिक मंदी के दौर में भी हमें अपनी अर्थव्यवस्था के विकास के लिए कार्य अवश्य करते रहना चाहिए।
* उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अकादमिक संस्थानों और अनुसंधान सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर होना चाहिए।
* समाज के गरीब और कमजोर तबकों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसी पहुंच को सशक्त किये जाने की आवश्यकता है।
* बच्चों के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार विधेयक सार्वभौमिक शिक्षा के उदेय को प्राप्त करने के लिए मील का पत्थर है।
* शांति और सौहार्द की संस्कृति भारत का मूल उद्देश्य होना चाहिए। अच्छी परंपराओं और प्रगति के बीच समन्वय होना चाहिए।
* शांतिपूर्ण समाज और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण के लिए मानव के सामूहिक उद्देश्य के हितों के लिए आतंकवाद को पराजित किया जाना चाहिए ।
* साम्प्रदायिक सौहार्द प्रगति की कुंजी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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