देश आजादी का जश्न मनाने को तैयार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को लगातार छठीं बार संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि देश के सामने खड़ी वर्तमान चुनौतियां उनके संबोधन के केंद्र में होंगी।
दिल्ली में इस विशाल कार्यक्रम के अलावा राज्यों की राजधानियों में व जिला मुख्यालयों पर भी झंडारोहण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शनिवार को लाल किला के चारों ओर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा होगा। राजधानी के आसमान को सुबह से ही उड़ानों के लिए निषिद्ध घोषित कर दिया जाएगा और हवाई रक्षा तोपें संभावित हवाई हमलों को विफल करने के लिए रणनीतिक स्थलों पर तैनात की जाएंगी।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "वैसे तो स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश में चुस्त सुरक्षा बंदोबस्त की परंपरा बन चुकी है। लेकिन पिछले वर्ष नवंबर महीने में मुंबई में हुए हमले के बाद सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।"
चूंकि लाल किले में देश का शीर्ष नेतृत्व उपस्थित रहेगा, लिहाजा उसे एक अभेद्य दुर्ग के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा।
इस वर्ष कई ओर से खतरे की संभावन बनी हुई हैं। खुफिया रिपोर्ट संकेत करते हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश स्थित इस्लामी संगठन भारत में हमले की योजना बना रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय नक्सली संगठन भी हमले की फिराक में हैं।
पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है। खासतौर से नई दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद में सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। पुलिस को 15 अगस्त के मौके पर आतंकी हमलों के मद्देनजर अपनी तैयारी के स्तर को बढ़ाने के निर्देश भेजे गए हैं।
गृह मंत्रालय ने चेताया है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा नई दिल्ली, हैदराबाद और कोलकाता में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हमला करने के लिए अपने लड़ाकों को देश में घुसपैठ कराने की कोशिश में लगा हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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