जांच से ज्यादा जरूरी स्वाइन फ्लू का उपचार : सरकार
पुणे के दौरे पर आए संयुक्त सचिव (स्वास्थ्य) विनीत चौधरी ने कहा, "हमने देखा है कि उपचार से पहले जांच अनिवार्य नहीं है। अब हमारा लक्ष्य है कि लोगों को तुरंत उपचार मिले जिससे वह जल्द स्वस्थ हो जाएं। पुणे में फिलहाल 34 लोगों का उपचार किया जा रहा है।"
चौधरी ने यहां कहा कि यहां का प्रशासन बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुणे में और स्क्रीनिंग केंद्र खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ रही है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि फ्लू वायरस से बड़े पैमाने पर लोगों की मौत हुई।
चिकित्सकीय निगरानी और सलाह के बिना टेमीफ्लू लेने के मसले पर उन्होंने कहा कि फ्लू के लक्षण वाले लोग दो दिन के लिए टेमीफ्लू ले सकते हैं। अगर वह अच्छा महसूस करते हैं तो दवा बंद कर दें। लेकिन दवा का पूरा कोर्स लिया जाना जरूरी है यही वजह है कि हम चिकित्सकीय निगरानी के बिना दवा लेने से मना करते हैं।
उन्होंने कहा कि एन95 मास्क आम लोगों के लिए नहीं है। यह सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए जिनका उपचार चल रहा है।
महाराष्ट्र के पुणे में गुरुवार देर रात स्वाइन फ्लू से एक 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत के साथ ही देश में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई। अकेले पुणे में इस बीमारी से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
महाराष्ट्र स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष के अधिकारी ने बताया कि पुणे के निवासी प्रभाकर बेरगर ने सासून अस्पताल में गुरुवार रात लगभग 11 बजे दम तोड़ दिया। उन्हें दो दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती करा गया था। इस शहर में सबसे पहले तीन अगस्त को रिदा शेख नाम की एक बच्ची की मौत हुई थी।
उधर, गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अकेले गुरुवार को ही देश भर में स्वाइन फ्लू के 90 नए मामलों की पुष्टि हुई। वहीं गोवा ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वाइन फ्लू प्रभावित राज्यों का दौरा न करें।
देश में गुरुवार तक इस बीमारी के मरीजों की कुल संख्या 1,284 हो चुकी थी जिनमें 694 मरीज अभी अस्पतालों में भर्ती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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