मुद्रास्फीति की दर घटकर शून्य से 1.74 फीसदी नीचे पहुंची
छह जून को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान वर्ष 1995 में शुरू थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर पहली बार नकारात्मक स्थिति में पहुंची थी।
इससे पहले 1977 में मुद्रास्फीति की दर नकारात्मक स्थिति में पहुंची थी। नकारात्मक मुद्रास्फीति से आशय संबंधित सप्ताह के दौरान उससे पूर्व वर्ष के उसी सप्ताह की तुलना में थोक मूल्यों में कमी होता। यह आवश्यक नहीं कि इससे खुदरा मूल्यों का पता चले।
एक अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान प्राथमिक वस्तुओं और विनिर्मित वस्तुओं के सूचकांक में 0.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 262.2 (अस्थाई) से बढ़कर 262.5 हो गया जबकि विनिर्मित वस्तुओं का सूचकांक 205.6 (अस्थाई) से बढ़कर 205.9 हो गया।
ईंधन और बिजली सूचकांक में भी मामूली वृद्धि हुई और यह 338.2 से बढ़कर 338.3 हो गया।
छह जून को समाप्त सप्ताह के वास्तविक आंकड़ों के मुताबिक संशोधित मुद्रास्फीति की दर शून्य से 1.01 फीसदी नीचे थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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