सरकारी आदेश पर ही हो सकती है मुशर्रफ की गिरफ्तारी : पुलिस
पुलिस के अनुसार तब तक मुशर्रफ कानूनी और संवैधानिक छूट का लाभ उठाते रह सकते हैं।
समाचार पत्र 'डॉन' ने गुरुवार को कहा कि इसके साथ ही पुलिस पीड़ित लोगों (न्यायाधीशों) से संपर्क करने और आरोपियों के बयान लेने के लिए भी अधिकृत नहीं है क्योंकि वे सभी सरकार के बड़े अधिकारी हैं।
अखबार के अनुसार आरोपियों से उनके विभागों के प्रमुखों के माध्यम से संपर्क किया जाएगा। इसी प्रकार बड़ी अदालतों के रजिस्ट्रारों के माध्यम से न्यायाधीशों के बयान दर्ज करने का प्रयास होगा।
इस बीच जांचकर्ताओं ने तथ्यों का संग्रह आरंभ कर दिया है। इसमें न्यायाधीशों की हिरासत के लिए जारी किए गए आदेश, इन्हें जारी करने वाले प्राधिकारियों के नाम, इन्हें लागू करने वाले अधिकारियों और इसके लिए तालों तथा कंटीले तार जैसी सामग्री जुटाने वालों के नाम शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने इस्लामाबाद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुहम्मद अकमल खान के आदेश पर सोमवार को मुशर्रफ के खिलाफ पाकिस्तानी पीनल कोड की धारा 344/34 के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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