भारतीय मूल के राजनेताओं के बीच विवाद सुलझा
आरओएस ने इस विवाद का निपटारा करते हुए अपने आदेश में कहा है कि विगत 24 मई को एक आपात आम बैठक में मुरुगियाह को पार्टी का अध्यक्ष चुना जाना पूरी तरह अवैध था।
स्थानीय समचार पत्र 'द स्टार' के मुताबिक मलेशिया के गृह मंत्री हिशामुद्दीन तून हुसैन ने कहा कि केवेस और मुरुगियाह दोनों ने आरओएस के फैसले को स्वीकार कर लिया है।
हुसैन ने कहा कि आरओएस के इस फैसले का मंत्रिमंडल में मुरुगियाह की जगह पर किसी प्रकार असर नहीं होगा।
गौरतलब है कि पीपीपी का गठन वर्ष 1953 में हुआ था। यह सत्ताधारी नेशनल फ्रंट का एक घटक है। इसके 48 फीसदी सदस्य भारतीय मूल के हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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