'स्वाइन फ्लू से बचाती है तुलसी'

राजधानी के मेडिकल प्रेक्टीशनर डा यूके तिवारी के मुताबिक आयुर्वेदिक शोधकर्ताओं द्वारा तुलसी में एंटी-फ्लू गुणों की पहले ही खोज की जा चुकी है। तुलसी न केवल शरीर को बीमारियों से बचाती है, बल्कि वायरल इंफेक्शन से लड़ती भी है। मस्तिष्क ज्वर से लड़ने के लिए तुलसी का इस्तेमाल किय गया और सफलता भी मिली।
तुलसी का कोई साइड इफेक्ट नहीं
डा.तिवारी के मुताबिक यदि स्वाइन फ्लू के किसी मरीज को तुलसी दी जाए तो वो जल्दी बीमारी से उबर सकता है। स्वाइन फ्लू को कंट्रोल करना हो तो तुलसी की पत्ती की चटनी बनाकर दिन में दो बार खाली पेट लें, तो आराम मिलेगा। इससे शरीर की निरोधक क्षमता बढ़ती है। यही नहीं पूरी तरह स्वस्थ्य व्यक्ति को स्वाइन फ्लू लगने से बचाती भी है।
लखनऊ के डा नरेंद्र सिंह का कहना है कि तुलसी की तीन प्रजातियां होती हैं। कृष्णा (ओसिमम सैंक्टम), वाना (ओसिमम ग्रेटिसिमम) और कटुकी (पिरोरिजा करोआ)। ये तीनों ही एंटी-वायरल एजेंट का काम करती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि तुलसी का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
बाबा रामदेव ने बताए फ्लू से निपटने के तरीके
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव भी आगे आ गए हैं। बाबा रामदेव ने इस बीमारी से बचने के लिए कुछ योग और आर्युवेद उपचार बताए हैं। बाबा रामदेव ने कहा है कि कपाल भारती और अनुलोम-विलोम जैसे योग के जरिए स्वाइन फ्लू जैसी खतरनाक बीमारी से कारगर ढंग से निपटा जा सकता है।
बाबा का दावा है कि सुबह उठकर गहरी सांस लेने से इस फ्लू का वाइरस आप पर हमला नहीं करेगा। बाबा रामदेव ने स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए कुछ आयुर्वेदिक दवाइयां भी सुझाई हैं। बाबा के मुताबिक तुलसी खाने से हमारी श्वास प्रणाली मजबूत होती है।


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