स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ा, 15 मरे

इससे पहले बुधवार को ही स्वाइन फ्लू से एक महिला सहित तीन और लोगों की मौत हुई। देश में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इनमें सबसे अधिक मौतें (7) पुणे में ही हुई है। ऐसे में डॉक्टर्स यह जानने में लगे हैं कि आखिर ये वायरस इतना तेजी से कैसे फैल रहा है।
महाराष्ट्र में अब तक स्वाइन फ्लू से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे के निकट पिंपरी के रहने वाले संजय मिस्त्री (35) को गत रविवार गंभीर हालत में ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था।
मिस्त्री के निधन के कुछ घंटे बाद ही इसी बीमारी से 29 वर्षीया श्रावणी देशपांडे की मौत हो गई। उन्हें तीन दिन पहले निमोनिया से पीड़ित होने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में उनके भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने का पता चला। उसके बाद उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया।
उधर, नासिक सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू से राकेश गरगुंडे नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई। अस्पताल के सर्जन ए. डी. भाल सिंह ने बताया कि बुधवार तड़के तीन बजे के आसपास गरगुंडे की मौत हुई। उन्हें दो दिन पहले बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें भी जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। उनके स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की जानकारी अस्पताल को मंगलवार देर रात को मिली थी।
इससे पहले पुणे में पांच, मुंबई में दो, गुजरात में दो और तलिनाडु व केरल में एक-एक व्यक्ति की मौत स्वाइन फ्लू से हो चुकी है।
डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लोग जो मास्क पहन रहे हैं उन्हें इस्तेमाल के बाद ऐसे ही फेंक दिया जाता है। इसी कारण यह बीमारी बढ़ रही है। मास्क सड़कों पर, खुले डस्टबिन में फेंकने से वायरस आम लोगों में फैल रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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