नई कर प्रणाली का खाका पेश

भारत सरकार ने देश में नई आयकर प्रणाली लागू करने के लिए नए प्रत्यक्ष कर संबधी खाका पेश किया है.
इस प्रत्यक्ष कर संहिता में नए आयकर के बारे में सुझाव हैं तो सेक्युरिटी ट्रांज़ेक्शन कर ख़त्म करने की भी बात की गई है.
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को दिल्ली में ये संहिता जारी की. ये संहिता बाद में वर्तमान आयकर एक्ट की जगह ले लेगी जो करीब चार दशक पुराना है.
अन्य प्रत्यक्ष कर भी इस नई प्रणाली के तहत आएँगे. वित्त मंत्री ने कहा है कि अगर इस पर सही तरीके से बहस होती है तो संसद के शीतकालीन सत्र में इस बिल को पेश कर दिया जाएगा.
नए प्रावधान
इस कोड के तहत अगर किसी की आय सालाना 160000 रुपए है तो उसे आयकर नहीं देना पड़ेगा.
10 दस लाख रुपए की आमदनी पर 10 फ़ीसदी की दर से कर देना होगा, 25 लाख रुपए तक 20 फ़ीसदी और 25 लाख रुपए से ज़्यादा की आमदनी पर 30 फ़ीसदी कर देना होगा.
वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि नई प्रणाली के तहत नियमों का बेहतर तरीके से पालन होगा और कर अदायगी ज़्यादा होगी.
कर भरने से कतराने वालों से निपटने के लिए भी कोड में प्रावधान है.
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि नए कोड का मकसद आयकर प्रणाली की त्रुटियों को दूर करना है.
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने वित्त मंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान नए कोड पर काम शुरु किया था. उन्होंने कहा कि वर्तमान आयकर प्रणाली से शायद केवल वकीलों को फ़ायदा हो रहा था.


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