'भारत नहीं कर सकता चीन का मुकाबला'

इसी महीने के अंत में अवकाश ग्रहण करने जा रहे मेहता ने कहा कि चीन के साथ सहयोग की जरूरत है, न कि तुलना की। सैन्य संदर्भो में दोनो देश परम्परागत भी है और गैर परम्परागत भी।
वास्तविकताओं के धरातल पर हमे अपनी रणनीति बनानी चाहिए। नौसेना प्रमुख का कहना था कि चाहे सकल घरेलू उत्पाद हो, रक्षा खर्च या विकास का अन्य कोई पैरामीटर दोनों देशों के बीच खाई और चौडी होती जा रही है।
हालांकि अपनी इस टिप्पणी के बाद मेहाता ने मंग लवार को कहा कि बीजिंग निश्चित रूप से ताकतवर है, लेकिन इसे लेकर किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है।


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