पहचान पत्र के अभाव में गरीबों को होती है परेशानी : प्रधानमंत्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्रणाली प्राधिकरण की परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने बुधवार को कहा, "सरकार इस परियोजना को उच्च प्राथमिकता दे रही है। पहचान के अभाव में गरीबों और सीमांत लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा गरीबों के लिए चलाए जाने वाले सरकारी कार्यक्रमों के लाभ भी उन तक नहीं पुहंच पाते।"

उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचित लोगों को पहचान का ब्यौरा देने से उन्हें राज्य और केंद्र स्तर पर योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा।

इस अवसर पर प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदन नीलेकणी ने इस परियोजना के कार्यान्वयन की रणनीति का ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने प्राधिकरण के लिए एक कानूनी ढांचा बनाए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। परिषद ने सैद्धांतिक रूप से रणनीतिक मसौदे और कानूनी ढांचा बनाए जाने के उनके सुझाव को स्वीकृत भी कर लिया।

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सलाह दी कि नीलेकणी कैबिनेट और मंत्रियों की परिषद के समक्ष भी इस तरह का प्रस्तुतीकरण रखें।

बैठक में प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और नीलेकणी के अलावा विधि मंत्री वीरप्पा मोइली, ग्रामीण विकास मंत्री सी. पी. जोशी, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भी हिस्सा लिया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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