'तकनीकी वस्त्रोद्योग' में 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद
कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन ने एक वेबसाइट 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट टेक्न ोटेक्स डॉट जीओवी डॉट इन' का शुभारंभ करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "इस क्षेत्र में आने वाले वर्षो में निवेश आकर्षित करने और अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने की क्षमता है।"
मारन ने कहा कि तकनीकी वस्त्रों के घरेलू बाजार के 11 प्रतिशत की दर से बढ़कर वर्ष 2012 तक 66,414 करोड़ रुपये के होने की आशा है। वर्तमान समय में इन वस्त्रों का घरेलू बाजार 37,115 करोड़ रुपये है।
मंत्री ने कहा कि तकनीकी वस्त्रोद्योग को भी प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना के दायरे में लाया गया है।
तकनीकी वस्त्रोद्योग में दवाओं, एयरोस्पेस, खेलों, रक्षा, कृषि और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी सामग्री शामिल है।
चिकित्सा में प्रयोग होने वाले कपड़े, सर्जरी गाउन और डायपर्स भी तकनीकी वस्त्रोद्योग के तहत आते हैं।
मारन ने कहा कि तकनीकी वस्त्रोद्योग अधिक फायदेमंद है। देश में चीन, मलेशिया, हांगकांग, थाईलैंड, जर्मनी और इटली से प्रतिवर्ष 4,000 करोड़ रुपये के तकनीकी वस्त्रों का आयात होता है।
मारन ने कहा कि कपड़ा मंत्रालय ने एग्रोटेक टेक्सटाइल के लिए मुंबई में, जियोटेक टेक्सटाइल के लिए अहमदाबाद में, मेडीटेक टेक्सटाइल के लिए कोयम्बटूर में और प्रोटेक टेक्सटाइल के लिए गाजियाबाद में एक-एक केंद्र स्थापित किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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