आंग सान सू ची के मुक़दमे का फ़ैसला
बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे का फ़ैसला मंगलवार को सुनाया जाने वाला है. उनपर मई में झील पार कर अपने घर आए एक अमरीकी व्यक्ति को शरण देकर नज़रबंदी की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है. सू ची ने आरोप को मानने से इनकार किया है.
आंग सान सू ची ने अदालत को बताया कि उन्हें नहीं पता था कि कोई देर रात उनसे मिलने आया है और ये जानकारी उन्हें अपने सहयोगी से मिली. उन्होंने कहा है कि वे मानकर चल रही हैं कि उनको दोषी ठहराया जाएगा. ऐसी सूरत में उन्हें पाँच साल जेल की सज़ा हो सकती है.
इस मुकदमे की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफ़ी आलोचना हुई है.जब सू ची को मई में गिरफ़्तार किया गया था तो वे नज़रबंद थीं और कुछ ही दिनों में रिहा होने वाली थीं. सू ची को पिछले 19 वर्षों के दौरान अधिकांश समय नज़रबंदी में गुज़ारना पड़ा है.संवाददाताओं का कहना है कि मुकदमे से बर्मा के सैन्य शासन को एक बहाना मिल सकता है जिसके कारण वे 2010 में होने वाले चुनावों के बाद तक उन्हें हिरासत में रख सकते हैं.


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