चीन ताकतवर है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं : रक्षा विशेषज्ञ
वायुसेना के पूर्व प्रमुख, एयर चीफ मार्शल फली होमी मेजर ने आईएएनएस से कहा, "बेशक चीन एक ताकतवर देश है, लेकिन हमारी ताकत भी अब पहले जितनी कमजोर नहीं रह गई है। आज हम बहुत सक्षम हैं। सेना का सेना से तुलना करना कठिन है।"
पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.पी.मलिक ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की है। मलिक ने 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान सेना का नेतृत्व किया था।
मलिक ने कहा, "चूंकि दोनों देश परमाणु हथियार संपन्न हैं, लिहाजा दोनों देशों के बीच विवाद में एक ठहराव आ गया है। इसलिए इस मामले में हम एक पूर्ण युद्ध के कगार पर होने का आभास तो करेंगे, लेकिन वास्तव में वहां ऐसी कोई बात नहीं है।"
नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन के सेवानिवृत्त निदेशक कमोडोर सी.उदय भास्कर ने कहा, "नौसेना प्रमुख ने दरअसल यह बात कही है कि चीन के साथ हमारी सैन्य विषमता, चीन की अर्थव्यवस्था के मुकाबले हमारी अर्थव्यवस्था की विषमता की तरह ही है। चीन की सेना के साथ अपनी सेना की तुलना करने के बदले हमें ज्यादा उन्नतशील प्रौद्योगिकी हासिल करना चाहिए। इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन एक समझदारी भरा सुझाव यह है कि आवंटित धन को समझदारी के साथ खर्च किया जाए।"
चीन को भारत के लिए एक प्राथमिक चुनौती बताते हुए नौसेना प्रमुख मेहता ने सोमवार को एक व्याख्यान के दौरान कहा था कि भारत औैर चीन को एक बराबर मानना मूर्खता होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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