चार बेटों की मौत के दिन गिन रहे मां-बाप
मिर्जापुर जिले के लालगंज क्षेत्र के बसही गांव के किसान जीत नारायण (37) और उनकी पत्नी प्रभा देवी ने राष्ट्रपति से 10 से 16 साल की उम्र के चार बच्चों की दया मृत्यु के लिए निवेदन किया है।
जीत नारायण कहते हैं कि वह अपने बेटों को घुट-घुट मरते हुए नहीं देख सकते। इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर अपने बच्चों की इच्छा मृत्यु की मांग की है।
उन्होंने कहा, "बच्चों की मांसपेशियां इतनी कमजोर हो चुकी है कि वे अपने पैरों पर खड़ा होना तो दूर अपने से करवट बदलने में भी असमर्थ हैं। मुझ्झे नित्य उनकी परेशानी देखी नहीं जाती है। अब तो उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने भी उम्मीद छोड़ दी है। ऐसे में मौत ही मेरे बेटों को परेशानियों से छुटकारा दिलाने सा सबसे उपयुक्त समाधान है।"
जीतनारायण की पत्नी प्रभा देवी ने कहा कि उनके चारों बेटों दुर्गेश, सर्वेश, बृजेश और सुशील ने जैसे ही पांच साल की उम्र पार की उन्हें मस्क्यूलर डिस्ट्रफी ने अपनी आगोश में ले लिया। उन्होंने कहा कि बच्चे पांच साल की उम्र तक सामान्य बच्चों की तरह थे।
अब इस किसान दंपति को उनकी चार वर्षीय बेटी निर्मला को लेकर डर सता रहा है कि कहीं वह भी बेटों की तरह इस रोग का शिकार न हो जाए।
जीत नारायण इन बच्चों के इलाज पर अपना सारा धन खर्च कर चुके हैं। वह कहते हैं कि इलाज के लिए उन्होंने बहुमूल्य सामान और पैतृक जमीन बेंच दी है। इसके अलावा वर्तमान समय में उनपर कुछ साहूकारों का दो लाख रुपये का कर्ज है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications