स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 6 हुई (लीड-1)
महाराष्ट्र के स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष के प्रमुख प्रदीप आवटे ने बताया कि चिकित्सक बाबूराव माने (35)को पांच दिन पहले पुणे के ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पिछले तीन दिनों से वेंटीलेटर पर थे। सोमवार को सुबह 7.15 बजे उनका निधन हो गया। वह पुणे की मलिन बस्तियों में काम करते थे।
पुणे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। देश में सबसे पहले इस बीमारी से गत तीन अगस्त को रिदा शेख नाम की एक बच्ची की मौत हुई थी।
पुणे के ससून अस्पताल के डीन अरुण जामकर ने संवाददातओं से कहा, "माने को जब अस्पताल लाया गया था तो उनमें न्यूमोनिया विकसित हो चुका था। इसके अलावा वह सांस नहीं ले पा रहे थे। इस वजह से उनके रक्त तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही थी और उनका रक्तचाप बेहद बढ़ गया था। उनकी हालत बहुत बिगड़ चुकी थी और उन पर दवाइयों का भी कोई असर नहीं हुआ। सोमवार सुबह 7.20 बजे उनकी मौत हो गई।"
जामकर ने बताया कि अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में स्वाइन फ्लू के छह मरीज और भर्ती हैं जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। चार मरीज वेंटीलेटर पर हैं।
उधर, चेन्नई में स्वाइन फ्लू की चपेट में आए संजय बालकृष्णन नाम के चार वर्षीय बच्चे की सोमवार सुबह मौत हो गई। यह बच्चा नेता अस्पताल में भर्ती था। तमिलनाडु में स्वाइन फ्लू से यह पहली मौत है।
संजय को पिछले सप्ताह बुखार और अतिसार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसके गुर्दो ने काम करना बंद कर दिया और सीने में रक्तस्राव हुआ।
शनिवार को संजय के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। अगले दिन उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उसे वेंटीलेटर पर रख दिया गया। सोमवार सुबह उसका निधन हो गया।
राज्य के स्वास्थ्य सचिव वी. के. सुब्बाराज ने कहा, "यह बच्चा जिस इलाके में रहता था वहां 100 और परिवार रहते हैं। इलाके की सफाई करवाई जा रही है और राज्य में टेमीफ्लू की पर्याप्त मात्रा है।"
गौरतलब है कि रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में स्वाइन फ्लू के पुष्ट मामलों की संख्या 864 हो गई है। इनमें 523 को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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