स्वाइन फ्लू: मृतकों की संख्या 4 हुई (लीड-2)
महाराष्ट्र और गुजरात में स्वाइन फ्लू से चार लोगों की मौत के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने रविवार तड़के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की थी। वहीं दिल्ली में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एक आपात बैठक बुलाई है।
गुजरात में स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले प्रवीण पटेल (43) 31 जुलाई को पत्नी के साथ अमेरिकी शहर अटलांटा से अहमदाबाद पहुंचे थे। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में उन्होंने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। पटेल की पत्नी की भी हालत गंभीर बनी हुई है।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने आईएएनएस से कहा, "यह दुखद है। अहमदाबाद में स्वाइन फ्लू से यह पहली मौत है।" पटेल और उनकी पत्नी की जांच शनिवार को सकारात्मक रही थी। यहां स्वाइन फ्लू के 13 मामले सामने आ चुके हैं और 53 अन्य मरीजों की जांच की जा रही है।
दूसरी ओर पुणे स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष के प्रमुख प्रदीप आवटे ने आईएएनएस से कहा, "42 वर्षीय संजय कोलकर को दो दिन पहले यहां के सासून अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शनिवार देर रात लगभग एक बजे उनकी मौत हो गई।"
परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक अशोक लाड्डा ने कहा कि कोलकर एक विद्यालय में शिक्षक थे। उन्हें सबसे पहले 31 जुलाई को तबीयत खराब होने पर पुणे के समीप स्थित खेड़ेगांव के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बाद में स्थिति खराब होने पर उन्हें पुणे के अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, जहां शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई।
पुणे में स्वाइन फ्लू से संक्रमित तीन अन्य मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं मुंबई में भी 28 वर्षीय मरीज की भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मुंबई में शनिवार शाम 53 वर्षीया महिला फामिदा पानवाल की मौत स्वाइन फ्लू की वजह से हो गई थी। देश में इस घातक बीमारी की पहली शिकार तीन अगस्त को पुणे की 14 वर्षीया रीदा शेख बनी थी।
वहीं दक्षिण दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित 'संस्कृति स्कूल' के कक्षा चार और 11 के दो छात्रों में शनिवार को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद विद्यालय को बंद करने का फैसला किया गया।
विद्यालय की शिक्षिका अंजलि बाली ने आईएएनएस से कहा, " दो छात्रों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद विद्यालय प्रशासन ने चिकित्सकों की सलाह पर विद्यालय को दो हफ्तों के लिए बंद रखने का फैसला किया। हमने रविवार को अभिभावकों को इसकी सूचना दे दी है।" दिल्ली में इस घातक बीमारी से 179 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों और डाक्टरों ने इसकी दवा टैमीफ्लू की बिक्री खुले बाजार में करने का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे दवा की खरीद को लेकर अफरा-तफरी मच जाएगी।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मेडीसिन विभाग के प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने कहा, "मैं नहीं मानता कि यह सही कदम होगा।" उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए लोग इस दवा का दुरुपयोग करेंगे। इसका परिणाम यह होगा कि जिसे सही मायने में दवा की जरूरत होगी उसे यह नहीं मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि देश में अब तक स्वाइन फ्लू के 783 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 500 रोगियों का इलाज हो चुका है। इस घातक बीमारी का सबसे अधिक असर दिल्ली और महाराष्ट्र में देखा जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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