बेंगलुरू में 18 वर्षो के बाद हुआ संत तिरुवल्लुवर की प्रतिमा का अनावरण
उल्लेखनीय है कि 1991 में बेंगलुरू तमिल संगम ने राजधानी के एन नीलकंदन सर्किल में तिरुवल्लुवर की प्रतिमा स्थापित की थी लेकिन कन्नड़ भाषियों के एक समूह के भारी विरोध के चलते अब तक इसका अनावरण नहीं हो सका था।
इस दिशा में पहल करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी़ एस़ येदियुरप्पा ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम़ करुणानिधि से बातचीत के बाद यह सहमति बनाई कि बेंगलुरूमें तिरुवल्लुवर की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा और तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में कन्नड़ कवि सर्वज्ञ की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
13 अगस्त को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में कवि सर्वज्ञ की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
इस अवसर पर करुणानिधि ने कहा, "आज का दिन ऐतिहासिक है। देश के कई हिस्सों में अंतरराज्यीय विवाद है। हमने जिस आम सहमति और बातचीत के साथ इस विवाद का निपटारा किया है, यह ऐसे राज्यों के लिए बहुत बड़ा उदाहरण है।"
उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि बातचीत के जरिए सभी प्रकार के विवादों का निपटारा किया जा सकता है। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से चल रहे विवादों को भी बातचीत के जरिए निपटाएंगे।"
येदियुरप्पा ने कहा, "कर्नाटक और तमिलनाडु के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। दोनों राज्यों के बीच लंबित विवादों के निपटारे की दिशा में आज का दिन महत्वपूर्ण साबित होगा।"
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रतिमाओं के अनावरण का मुददा नहीं है बल्कि दोनों राज्यों की जनता के दिलों को जोड़ने का मसला है। तमिलनाडु के मख्यमंत्री ने कन्नड़ को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के विरोध में चेन्नई उच्च न्यायालय में दायर याचिका को वापस लेने का वादा किया है। उनकी यह पहल दोनों राज्यों के रिश्तों को और मजबूत करेगी तथा आपसी विवादों के निपटारे में मददगार साबित होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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