स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत, पीड़ितों की संख्या 783 हुई (राउंडअप)
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार देश में अब फ्लू पीड़ितों की संख्या 783 हो गई है।
महाराष्ट्र की अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) शरवरी गोखले ने आईएएनएस से कहा कि मुंबई के उत्तर-पूर्व में जोगेश्वरी की रहने वाली महिला की यहां शनिवार शाम कस्तूरबा अस्पताल में मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि महिला को मंगलवार को मधुमेह और उच्च रक्तचाप की शिकायतों को बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उसे लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी इस वजह से कुछ ही घंटे बाद शाम को उसे कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उन्होंने कहा कि महिला के रक्त के नमूने शनिवार की सुबह लिए गए, दोपहर को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई और शाम को उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में कहा कि पानवाला को निजी अस्पताल ने स्वाइन फ्लू की इलाज के लिए निर्धारित सरकारी अस्पताल के लिए सात अगस्त की रात को रेफर किया। शनिवार दोपहर को उसमें फ्लू की पुष्टि हुई और अपराह्न 4.30 बजे उसकी मौत हो गई।
भारत में स्वाइन फ्लू से यह दूसरी मौत है। इससे पहले पुणे में 14 वर्षीय स्कूली छात्रा रिदा शेख की तीन अगस्त हो मौत हो गई थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान में कहा गया कि 71 नए मामलों में पुणे (34), दिल्ली (13), मुंबई (2), बेंगलुरू (10), चेन्नई (7), मंगलोर (3), अमृतसर (1) और फरीदाबाद (1) शामिल हैं।
देश में इस बीमारी से महराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित है और यहां फ्लू के 260 मामले सामने आए हैं जिनमें से 160 केवल पुणे के हैं। पुणे को महामारी प्रभावित घोषित किया जा चुका है।
मंत्रालय के बयान में कहा गया कि पुणे में किए गए उपाय और हालात का जायजा लेने के लिए एक केंद्रीय दल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुणे में स्वाइन फ्लू से पीड़ित एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट की हालत शनिवार को दूसरे दिन भी गंभीर बनी रही। दोनों को पुणे के सासून अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राज्य स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष के प्रमुख प्रदीप आवटे ने कहा, "दोनों को जीवन रक्षक यंत्र पर रखा गया है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।"
आवटे ने आईएएनएस को बताया, "नायडू अस्पताल के अलावा हमने सासून अस्पताल और अंध अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू के रोगियों का इलाज शुरू कर दिया है।"
आवटे ने कहा कि पांच वर्षीय एक बच्ची को गहन चिकित्सा केंद्र में भर्ती किया गया है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। स्वाइन फ्लू के लक्षण के अलावा वह निमोनिया से भी पीड़ित है।
मुंबई में 28 वर्षीय व्यवसायी संदीप गायकवाड़ को फ्लू के लक्षण के बाद पिछले सप्ताह हीरानंदानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उसकी हालत गंभीर है जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
एक अनिवासी भारतीय दंपति जो कि पिछले महीने अमेरिका से अहमदाबाद आया था, शनिवार को उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
दिल्ली में एक निजी स्कूल के दो छात्रों में शनिवार को स्वाइन फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई है।
चाणक्यपुरी इलाके में स्थित संस्कृति स्कूल की प्राचार्य आभा सहगल ने कहा कि चौथी कक्षा के सेक्शन बी और 11वीं कक्षा के सेक्शन जी के एक-एक छात्र में फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई है।
स्कूल की ओर से अभिभावकों को एसएमएस के जरिए फ्लू के दो नए मामलों के बारे में सूचित किया गया है और उनसे कहा गया है कि वे स्कूल की बंदी के बारे में अगले निर्देश तक इंतजार करें।
ज्ञात हो कि उस स्कूल में छठी कक्षा की एक छात्रा में गुरुवार को फ्लू के संदिग्ध लक्षण पाए जाने के बाद स्कूल को सोमवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि शुक्रवार को आई उसकी जांच रिपोर्ट नकारात्मक रही।
राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के स्वाइन फ्लू जांच केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं एक जूनियर चिकित्सक को इंफ्लूएंजा ए (एच1एन1) के संदिग्ध लक्षणों के कारण घर पर अलग-थलग करके रखा गया है।
आरएमएल अस्पताल के स्वाइन फ्लू जांच केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस.के. शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "मैं दो दिनों से घर पर हूं।"
उन्होंने बताया, "हम लोग जांच केंद्र में 12 घंटे से ज्यादा समय तक वायरस के संपर्क में रहते हैं। मेरे नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं जिनके नतीजे 48 घंटे में मिल जाएंगे।"
शर्मा ने बताया, "मैं दो दिन से टैमी फ्लू ले रहा हूं और यदि मेरे नमूने सकारात्मक पाए गए तो मुझे तीन दिन और यह दवा लेनी होगी। यदि नकारात्मक निकले तो काम पर लौट जाऊंगा।" उन्होंने कहा कि उनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण ज्यादा नहीं हैं इसलिए उन्हें उम्मीद है कि वह इससे संक्रमित नहीं निकलेंगे।
शुक्रवार को दिल्ली के तीन चिकित्सक स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए। वे आरएमएल अस्पताल के नहीं थे।
दिल्ली में अब तक फ्लू के 179 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। देश में अब तक फ्लू के 712 मामले सामने आए हैं।
बिहार में स्वाइन फ्लू का पहला संदिग्ध मामला शनिवार को औरंगाबाद में सामने आया। दो माह पूर्व सिंगापुर से लौटे मोहम्मद जुनैद हसन में फ्लू के लक्षण दिखाई दिए हैं। उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में जांच के लिए रेफर कर दिया गया है।
कोलकाता में स्वाइन फ्लू के लक्षण के साथ दो डाक्टरों को संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी तापस सेन ने आईएएनएस से कहा, "दोनों डाक्टरों रंजीत मंडल और प्रशांत सरकार को बुखार और सर्दी की शिकायत है। इनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।"
अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में फिलहाल 11 मरीज भर्ती हैं जिनमें से तीन में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें जापान के नागरिक युकी नकाजावा, बहादुर फिरोज शाह और एक छह वर्षीय लड़की प्रांजलि मंडल शामिल है।
प्रांजलि के मामले से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है क्योंकि उसने कोई विदेश दौरा नहीं किया था।
लखनऊ में शनिवार को पहली बार 27 साल के एक व्यक्ति को स्वाइन फ्लू के लक्षणों के कारण बलरामपुर अस्पताल में एक अलग वार्ड में रखा गया है।
ओमान से शनिवार को लखनऊ के अमौसी हवाई हवाई अड्डे पहुंचे मोहम्मद असलम को स्वाइल फ्लू के लक्षणों के कारण अस्पताल ले जाया गया।
लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ए.के.शुक्ला ने संवाददाताओं को बताया, "असलम रायबरेली का रहने वाला है और ओमान में नौकरी करता है। उसके नमूने जांच के लिए भेज दिये गए हैं। जिनके नतीजे आने में 24-36 घंटे का वक्त लगेगा।"
चंडीगढ़ में 29 वर्षीय एक इंजीनियर को स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मरीज चंडीगढ़ निवासी हैं और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन की पानीपत स्थित रिफायनरी में कार्यरत हैं। वह कनाडा में महीना भर बिताकर आए हैं।
चंडीगढ़ के अस्पतालों में अब तक स्वाइन फ्लू के 44 संदिग्ध मामले आ चुके हैं, जिनमें से सात में इस रोग की पुष्टि हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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