बैंक कर्मचारी के पास 5,000 डाक टिकट, खोलना चाहते हैं संग्रहालय
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कोई 240 किलोमीटर दूर शाहजहांपुर जिले के चौक इलाके के निवासी अनिल कटियार (40) के इस संग्रह में कतर का सुनहला डाक टिकट और बांग्लादेश का उभारदार डाक टिकट दुर्लभ श्रेणी में है।
कटियार ने आईएएनएस को बताया, "जब मैं 10 वर्ष की उम्र का था, तभी मेरे भीतर डाक टिकटों के संग्रह का शौक जगा। मेरे पिताजी भी टिकट संग्रह के शौकीन थे, लिहाजा उन्होंने मुझे प्रोत्साहित किया। उन्हीं की प्रेरणा के कारण आज मेरे पास डाक टिकटों का इतना बड़ा संग्रह जुट पाया है।"
कटियार ने कहा, "मैंने डाक घरों के कूड़े की टोकरियों से भी टिकट संग्रह किए हैं।"
कटियार ने टाक टिकट संग्रहालय स्थापित करने के लिए डाक प्रशासन से संपर्क किया है।
कटियार ने कहा, "जब मैंने अपने संग्रह के बारे में उन्हें बताया तो डाक अधिकारी चकित रह गए। वे हमारे घर आए और उसके बाद उन्होंने संग्रहालय स्थापित करने में हर संभव मदद का मुझे आश्वासन दिया।"
कटियार ने कहा, "संग्रहालय स्थापना के पीछे मेरी योजना का मकसद डाक टिकटों के प्रति खासतौर से बच्चों में रुचि पैदा करना है। इसके चलते युवा अवस्था में ही उनमें टाक टिकट संग्रह के लिए प्रेरित किया जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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