भारत व आस्ट्रेलिया के संबंधों में सुधार के लिए नया संस्थान
यह संस्थान युनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, ला ट्रोब युनिवर्सिटी और युनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की एक संयुक्त परियोजना होगी। ये सभी साझेदार इस परियोजना में लगभग 20 लाख डालर निवेश करेंगे। पूरी परियोजना पर एक करोड़ डॉलर से भी अधिक की लागत आएगी। यह संस्थान आगमी तीन वर्षो के दौरान तैयार हो जाएगा।
गिलार्ड ने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एक प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपनी भूमिका को नए तरीके से परिभाषित कर रहा है। हमारे क्षेत्र में और वैश्विक स्तर पर भारत का प्रभाव बढ़ रहा है। भारत फिलहाल आस्ट्रेलिया के 10 शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है। हाल के वर्षो में दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते में मजबूती के साथ विकास हुआ है।"
गिलार्ड ने कहा, "यह संस्थान भारत की संस्कृति, उसके इतिहास और दुनिया में उसकी अहमियत के बारे में विशेषीकृत जानकारी उपलब्ध करा कर भारत के बारे में आस्ट्रेलियाइयों की समझ बढ़ाने के लिए काम करेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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