राजस्थान में ट्रॉमा हब स्थापित किया जाएगा : खान
खान शुक्रवार को यहां बिड़ला ऑडिटोरियम में न्यूरोट्रोमा सोसायटी ऑफ इंडिया की राज्य में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय 18वीं वार्षिक सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर विधिवत् उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जन को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमागरे पर स्थित निजी क्षेत्र के अस्पतालों को ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर की स्थापना में अधिक लागत को ध्यान में रखते हुए निजी भागीदारी से ट्रॉमा सेंटर संचालित करने के लिए राज्य सरकार ने तीन मॉडल तैयार किए हैं।
पहले मॉडल के तहत राज्य सरकार निजी क्षेत्र से संविदा के आधार पर ट्रॉमा की विशेषज्ञ सेवाएं के साथ जांच तथा एम्बुलेंस की सेवाएं लेगी। दूसरे मॉडल में निजी क्षेत्र को अपना सेंटर संचालित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लीज पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी तथा तीसरे मॉडल में राज्य सरकार की संस्थाओं में निजी क्षेत्रों द्वारा सेवाएं संविदा पर ली जा सकेगी।
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि देश में सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 29 प्रति लाख है जो विकसित राष्ट्रों की तुलना में दो गुना से अधिक है। करीब एक लाख लोग प्रति वर्ष सड़क दुर्घटना से काल के ग्रास बनते हैं जबकि जख्मी होने वालों की संख्या इससे 15-20 गुना अधिक है।
उन्होंने बताया कि ट्रोमेटिक ब्रेन इंजरी के रोगी को लम्बे समय तक देखभाल की आवश्यकता के साथ दवा आदि का भारी खर्चा वहन करना होता है। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए दुर्घटना से बचाव के प्रभावी तरीके को लोगों को समझाना होगा। शराब की दुकानें रात में जल्दी बंद होना, मोटर साइकिल चालक को हेलमेट तथा कार चालक को बैल्ट का उपयोग जैसे बचाव के उपाय कारगर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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